धारा 44 AD करदाताओं के लिए कैसे फ़ायदेमंद है और क्या आपको इस का चुनाव करना चाहिए?

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इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने छोटे करदाताओं अर्थात  कम  टर्नओवर वाले करदाताओ को राहत पहुंचाने के लिए धारा 44AD का प्रावधान लाया है|  इस धारा के तहत आप अपना  बुक ऑफ़ अकाउंटस  यानी खाता- बही बनाना और रखना  नहीं पड़ेगा  और आपको अपनी ऑडिट भी नहीं करवानी पड़ेगी | आपको अपने अनुमानित टर्नओवर के 8% या 6%  हिस्से  को अपनी आय मान कर उस पर टैक्स पटाना पड़ेगा |

धारा 44AD का फायदा कौन-कौन उठाने के लिए कानून पात्र  है ?

इस धारा का फायदा केवल एक इंडिविजुअल (proprietor),  ऐच यू  एफ (HUF) , पार्टनरशिप फर्म ही उठा सकते है | कंपनी एवं LLP को इस धारा कोई फायदा नहीं मिलेगा | यह धारा केवल बिजनेस से जुड़े व्यक्ति के लिए  हैं |  अगर आप  डॉक्टर ,  लॉयर ,  चार्टर्ड अकाउंटेंट  या किसी अन्य प्रोफेशन से जुड़े हैं तबआपको धारा 44ADA का फायदा मिलेगा| अगर आप कमीशन या ब्रोकरेज एजेंट है तब भी आपको इस धारा का फायदा नहीं मिलेगा |

धारा 44AD में टर्न ओवर की क्या  लिमिट रहेगी एवं छोटे करदाता किन्हें मानंगे ?

इस धारा का फायदा  केवल छोटे करदाता यानी जिनकी टर्नओवर साल में दो करोड़ से कम हो वही उठा सकते हैं | अगर साल के दौरान आप का टर्न ओवर  2 करोड़ से ज्यादा हो जाता है तब आप इस धारा का फायदा नहीं उठा सकते | |

टर्नओवर पर आय की गणना कैसे होगी ?

आपके  टर्न ओवर के कुछ प्रतिशत हिस्से को आपकी आय मानी जाएगी |  वर्तमान में  कैश टर्नओवर  पर 8%  एवं डिजिटल  टर्नओवर यानी बैंकिंग माध्यम से हुए टर्नओवर पर 6% की दर लागू है |उदाहरण के रूप में अगर देखें तो अगर आप  का वार्षिक टर्नओवर 50 लाख है और इसमें कैश टर्नओवर 40 लाख और बैंकिंग माध्यम से हुआ टर्नओवर 10 लाख है तो 40 लाख के ऊपर 8% और 10लाख  के ऊपर 6% अनुमानित आय आएगी |

40 Lakh x 8% = 3,20,000/-
10 Lakh x 6% = 60,000/-
कुल आय         = 3,80,000 /-

इस प्रकार आप की कुल आय 3,80,000 मानकर उस पर टैक्स की देनदारी निकलेगी |

ध्यान देवे :– अगर आपकी वास्तविक आय इससे ज्यादा होगी तब आपको अपनी वास्तविक आय दर्शानी पड़ेगी और अगर आपकी वास्तविक आय इससे कम होगी तब आपके पास दो रास्ते है :-

१. अपनी ऑडिट करवाए और आपनी वास्तविक आय दिखाए |

                                    या फिर

२. कम से कम 6 % या 8% को अपनी आय बता कर उसपर टैक्स पटाए |

ध्यान दीजिये की अगर आप 8%  या 6% से कम आय आए दिखाते है तब आप आवश्यक बुक्स रखनेऔर ऑडिट भी करवाने को बाध्य रहेंगे|

क्या खर्चों की कोई छूट मिलेगी ?

जी नहीं , खर्चों की कोई छूट नहीं मिलेगी | इस अनुमानित 8% या 6% हिस्से को अगर आपकी आय मानते हैं तो आपको इसके ऊपर कोई छूट प्रदान नहीं की जाएगी| आप के व्यापारिक खर्चे यानी  खरीदी, लेबर खर्चा, सैलरी, घिसारा खर्चा , बैंक का ब्याज या कोई भी और खर्च होते हैं तो ऐसा माना जाएगा कि वह सभी खर्चे आप को प्रदान किए जा चुके हैं और उस पर आपको कोई और छूट नहीं मिलेगी |

5 साल का लॉक इन पीरियड |

यह बात जरुर ध्यान देने वाली है कि एक बार इस धारा का फायदा उठाने पर आपको 5 साल तक इसी धारा में अपना रिटर्न फाइल करना पड़ेगा आप 5 साल तक किसी दूसरे धारा का फायदा नहीं उठा सकते | साथ ही अगर आप एक बार इस धारा का फायदा नहीं उठाते हैं तब भी आप 5 साल तक इसका फायदा नहीं उठा पाएंगे |   यानी  या तो आप 5 साल तक धारा 44 AD में अपनी इनकम दिखाएं या फिर 5 साल इसके बिना इनकम दिखाएं |  एक साल 44AD और  अगले साल साधारण नियम , ऐसा फायदा आप नहीं ले सकते |

क्या यह आपके लिए फायदेमंद है ?

जी हाँ,  धारा 44AD आपके लिए बहुत फायदेमंद है क्योंकि आपको अपना खाता का रख रखाव करने की जरूरत नहीं पड़ती , केवल वर्ष के अंत पर आपको अपने टर्नओवर का कुछ हिस्सा को आय बताकर उस पर टैक्स पटाना पड़ता है | आप इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा विभिन्न प्रकार के प्रश्न उत्तर से बच सकते हैं और साथ  ही आपको ऑडिट भी नहीं करवानी पड़ती| केवल साल के अंत में एक छोटा सा रिटर्न दाखिल करना पड़ता है और यह सेल्स टैक्स के कंपोजीशन स्कीम के समान ही है | अगर आप इंडिविजुअल (proprietor), ऐच यू एफ (HUF) है , तब आपकी टीडीएस काटने की भी जिम्मेदारी समाप्त हो जाती है |

क्या अन्य आय पर अलग से टैक्स लगेगा |

आपके व्यापार के अलावा आपकी जो अन्य आए हैं यानी ब्याज की आय या किराए से हुई आय या किसी से प्राप्त गिफ्ट या फिर किसी प्रकार का कैपिटल गेन |  इन  सब पर अलग  से  टैक्स पटाना पड़ेगा और उनका इस धारा में कोई छूट नहीं मिल पाएगा |

टैक्स स्लैब  एवं धारा 80C की छूट |

इस धारा के तहत अगर आप टेक्स्ट पटाते हैं तो आपको अपनी आयकर की टैक्स  फ्लैप का लाभ और 80C के तहत जो 1.5 लाख की छूट मिलती है वह अलग से प्राप्त होगी,  साथ ही अगर आप धारा 87A के तहत 5,000/2,500 की छूट के लिए भी पात्र है तो उसकी छूट आपको अलग से प्रदान की जाएगी |

धारा 44 AD के तहत अगर आपके कुछ और सवाल हो तो उसे नीचे कमेंट करें एवं हमारा पेज लाइक एवं  शेयर करें |

धन्यवाद |

Disclaimer :-

अगर आप किसी प्रकार का बड़ा लेनदेन करे तो अपने आयकर सलाहकार से जरुर पूछ कर करे|इस ब्लॉग मे कुछ त्रुटिया हो सकती है. अगर उससे आपको कोई हानि हो तो हमारी जिम्मेदारी नहीं होगी. ये ब्लॉग केवल आपकी जानकारी के लिए बनाया गया हैं | आपको अगर लगता है की इस आर्टिकल मे कोई गलती हो तो हमें मेल करे rohittulshyan@hotmail.com. हमें इसे सुधरने मे ख़ुशी होगी. आपके समर्थन के लिए धन्यवाद |

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2 thoughts on “धारा 44 AD करदाताओं के लिए कैसे फ़ायदेमंद है और क्या आपको इस का चुनाव करना चाहिए?”

  1. The tax audit was conducted for last 3 years, as profit was less than 8% of the turnover. However, this f.y. i want to file return u/s 44 AD of the income tax act, as the total income is less than “maximum amount not chargeable to tax”, will i still be covered under 5 year rule of sec 44AD?

    1. Hello Misha,
      Thank you for your Query. You can Opt for 44AD if your Income is not chargeable to tax but to be on the safe side, we suggest you get your accounts audited or file the returns asap. If you file the returns now, you would soon get a response before the Due date of Audit and You would have an option to get audited if required. We have compiled a detailed answer for you. Please follow this link to read the answer in detail.

      https://businesshelpers.in/can-you-switch-from-audited-accounts-to-44ad-presumptive-taxation/

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